गणेश नेगी
Drama
क्या सोचा हैं सब ऐसा ही चलेगा
आँखें खो दोगे तो ऐसा ही दिखेगा,
रास्ता नहीं ये मंजिल की दौड़ हैं,
अभी हो जा घायल,
तभी तो तू आगे भी बचेगा।
इज्जत कीजिए
कौन?
अधूरे सपने ...
पागल है मेरा ...
बदलाव की बहस
कि चले जाओ वही जहाँ ये रूह-ए-एहसास, अब रहती नहीं। कि चले जाओ वही जहाँ ये रूह-ए-एहसास, अब रहती नहीं।
फिर तुम्हीं कहो इसका भविष्य क्या होता ? फिर तुम्हीं कहो इसका भविष्य क्या होता ?
लंका में अग्निकांड भी मैं था लंका में अग्निकांड भी मैं था
एक वृक्षात्मा...। एक वृक्षात्मा...।
पुरुष अक्सर मुझसे पूछते हैं, 'तुम्हारी महिला पात्र इतनी पागल क्यों हैं?' पुरुष अक्सर मुझसे पूछते हैं, 'तुम्हारी महिला पात्र इतनी पागल क्यों हैं?'
मेरे इतवारी चम्मच, अब रोज़ जूड़ा तुम ही बनाना ! मेरे इतवारी चम्मच, अब रोज़ जूड़ा तुम ही बनाना !
"मैं अक्सर जब लिखने बैठता हूँ,वह मेरे साथ बैठ जाया करती है.दीदी,मेरी छोटी बहन.मैं कुछ लिखता हूँ और व... "मैं अक्सर जब लिखने बैठता हूँ,वह मेरे साथ बैठ जाया करती है.दीदी,मेरी छोटी बहन.मै...
The unknown story of a vigilant worrier, worshiper of lord Shiva and the king of Lanka, RAVANA The unknown story of a vigilant worrier, worshiper of lord Shiva and the king of...
रोज़ सुबह इस मकान से बाहर क़दम रखने से पहले ही चौखट टोक देती है “कम से कम आज तो एक घर कमा के ही लौटना!... रोज़ सुबह इस मकान से बाहर क़दम रखने से पहले ही चौखट टोक देती है “कम से कम आज तो एक...
किसी को प्रेम लिप्त करा दे, और परलोक भिजवा देता पैसा। किसी को प्रेम लिप्त करा दे, और परलोक भिजवा देता पैसा।
महाकाली की क्षुधा अब भी पापियों के रक्त हेतु अशांत है। महाकाली की क्षुधा अब भी पापियों के रक्त हेतु अशांत है।
सुबह की खिली हुई धूप का करो,स्वागत इस धूप में मिली हुई है,खुदा की मोहब्बत। सुबह की खिली हुई धूप का करो,स्वागत इस धूप में मिली हुई है,खुदा की मोहब्बत।
जब पथ मंजिल को बिसरा दे, तब भी तुमको चलना होगा, मोती सागर से चुनना होगा...! जब पथ मंजिल को बिसरा दे, तब भी तुमको चलना होगा, मोती सागर से चुनना होगा...!
ये कूड़ा जिसको कल भी मेरे नेता पैदा करते रहेंगे, और मैं टटोलूंगा कल भी इस कूड़े में अपनी किस्मत को । ये कूड़ा जिसको कल भी मेरे नेता पैदा करते रहेंगे, और मैं टटोलूंगा कल भी इस कूड़े ...
बदल जाएगी हर तस्वीर, और हर वो मंजर, जिनके तले दबी, डरी और सहमी चुप्पी, तोड़ देगी अपना दम । बदल जाएगी हर तस्वीर, और हर वो मंजर, जिनके तले दबी, डरी और सहमी चुप्पी, तोड़ दे...
मैं पिरोती जाऊं मोती आस के ना जाने क्यूं धागा फिसल जाता है, मैं पिरोती जाऊं मोती आस के ना जाने क्यूं धागा फिसल जाता है,
रोचक शास्त्र मैं वर्तमान की वार्ता कहता हूँ रोचक शास्त्र मैं वर्तमान की वार्ता कहता हूँ
तुम मुझे बहुत याद आती हो माँ तब तुम मुझे बहुत याद आती हो...! तुम मुझे बहुत याद आती हो माँ तब तुम मुझे बहुत याद आती हो...!
आपके दोस्त आपसे मिलने के पहले मिनट में आपको बेहतर तरीके से जान पाएंगे, आपके दोस्त आपसे मिलने के पहले मिनट में आपको बेहतर तरीके से जान पाएंगे,
बड़ी भाती थी मुझे माँ और बच्चों की गतिविधियां जैसे मेरी जुड़ चुकी थी उनसे रिश्तेदारियां बड़ी भाती थी मुझे माँ और बच्चों की गतिविधियां जैसे मेरी जुड़ चुकी थी उनसे रिश्त...