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गणेश नेगी

Abstract

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गणेश नेगी

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कौन?

कौन?

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सक्षम हो तो हर किसी का हाथ होगा

पूछो खुद से, बुरे वक्त में कौन ही साथ होगा,

हां जिन्दगी बुरा मानेगी या ना भी मानेगी,

मतलब है ये कि अन्त में पास कौन होगा

दिल शराब सा हो गया है जो नशे में रहता है,

हो गया नशे में, फिर जाम क्या करेगा,

आओ, और दिखा दो कि ये बातें हैं झूठी,

ना दिखा पाए तो तुम्हे दोस्त कौन कहेगा,

अरे छोड़ो और खुद से ही सच बोल लो पहले,

नही बोल पाओगे,

तेरी सोच को फिर अच्छा कौन कहेगा,

जी ले यार अपनी झूठी जिन्दगी,

सच खुल गया तो तुझे अपना कौन कहेगा।।।


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