बधाई
बधाई
पराई नहीं अब ,अपनी हो तुम मेरी
तुम ही लक्ष्मी तुम ही अन्नपूर्णा
बहू के रूप में, बेटी मिली मुझे आज
खुशियों को चार चांद लगाती
आ छुपा लूं तुझे ममता के आंचल तले
जब बेटा हुआ तो मिली खूब बधाई मुझे
पर आज जो तुम्हारे आने पर मिल रही बधाई को
बयां ना कर पा रही मां से बनी सासू मां
इस घर में महकेगी, खुशियों की फुलवारी
जो हो जाएगी , तेरी मेरी यारी।
