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Sandeep Singh

Tragedy Inspirational

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Sandeep Singh

Tragedy Inspirational

बचा लो प्रकृति को।

बचा लो प्रकृति को।

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बचा लो प्रकृति को।

वरना पछताओगे।

जो‌ आज है‌ ।

वो कल‌ नहीं आएगा।

पेड़ पौधे को खत्म कर दिया।

कोई भी व्यक्ति सांस

नहीं ले पाएंगे।


बचा उस कल को।

वरना वो कल‌ नहीं आएगा।

बचा लो जीव जंतुओं को।

जीव जंतुओं के बिना मनुष्य

जीवित नहीं रह पाएगा।

बचा लो उस शुद्ध हवा को।

हवा के विना पृथ्वी की

खूबसूरती का अंत हो जाएगा।

बचा लो प्रकृति को।

वरना पछताओगे ।



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