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Aishani Aishani

Inspirational

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Aishani Aishani

Inspirational

बचा लेना हरियाली..!

बचा लेना हरियाली..!

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मेरी कोई वसीयत हो ना हो

किन्तु ..

अंतिम इच्छा में लिख देना

मेरे दाह संस्कार के बारे में..! 

नहीं चाहती मैं कि.. 

मेरे मृत्यु के बाद मुझे जलाया जाए

बेवजह लकड़ियों को नुकसान पहुँचाया जाए..! 

कोई वृक्ष काट कर किसी को बेघर किया जाए..! 

मुझे विद्युत संचालित दाह गया गृह में जला आना

इस प्रकार बचा लेना एक वृक्ष

ना देना कोई दान, किसी को

मेरी आत्मा की शांति के लिए

बस उनको थमा देना एक एक वृक्ष:

ताकि.. 

मेरे बाद अगली पीढी को मिल सके थोड़ी हरियाली

और दे सके वे उसे संरक्षण अपनी अगली पीढ़ी को

और 

बचा सके हरियाली और कुछ जीवों के घर..!;

मैं जाने से पूर्व करना चाहती हूँ ये काम

और जाने के बाद बचा लेना चाहती '

हरी भरी प्रकृति को..! 

मेरे बच्चे..!

तुम बिल्कुल भी संकोच मत करना

ना ही दुनिया की बेवजह बातों पर यकी

तुम बस मेरी अंतिमi इच्छा का ख्याल करना.. ! 


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