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Zahiruddin Sahil

Drama


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Zahiruddin Sahil

Drama


बाउण्ड्री पार

बाउण्ड्री पार

1 min 128 1 min 128

क्रिकेट की गेंद

जब भी उछल के बाउण्ड्री

के बाहर आती है।


टीम हो भारत की

तो छाती चौड़ी हो जाती है !

मातृभूमि की बात ही

कुछ और है यारो !


राष्ट्र के नाम पर तो

मेरी बांछें खिल जाती हैं।


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