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Amit Kumar

Abstract

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Amit Kumar

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बारिश की बूंदें

बारिश की बूंदें

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बच्चों की मुस्कान सी

पाक़-साफ

बचपन सी

मासूमियत से ओतप्रोत

यह बारिश की नन्ही बूंदें

सबके दिल को लुभाती है।


इनका कोई सानी नहीं

इन जैसा कोई

प्यारा नहीं

इन्होंने ही तक़ा है

एकटकी लगाकर

मेरे सभी एहसासों को।


इन्हीं नन्ही बूंदों ने

मुझमें संगीत को रचाया है

इन्हीं नन्ही बूंदों के

प्यार भरे रंगों से

मेरी दुनियां में चाहत का

इंद्रधनुष रंगीन है।


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