Arun V Deshpande
Romance
कड़ी धूप का कहर
किया सब को बेज़ार
अब नर्म सुहानी
बारीश का इंतजार
उजड़ गया चमन
विरान यह जिंदगी
प्यार की हो बारीश
दिल करे इंतजार
प्यार का यह मौसम
मिले जब तुम हम
दिल-ए बेकरार को
कविता- पूर्ण-...
फ़ुरसत
किस का रस्ता ...
बारीश का इंतज...
प्यार जिंदगी ...
धूप का स्वागत...
कई बार
तन्हाई
जिंदगी
श्री गणपती
प्यासी रूह को ठंडक पहुँचा दे वही तो प्यार है। प्यासी रूह को ठंडक पहुँचा दे वही तो प्यार है।
बहुत दिनों से पढ़ रही गजलों ने मेरे दिल में जोश जगाया बहुत दिनों से पढ़ रही गजलों ने मेरे दिल में जोश जगाया
हो गई है दिल्लगी दिलबर उसे तुम मान लो। हो गई है दिल्लगी दिलबर उसे तुम मान लो।
मिलूँ वहाँ मैं जहाँ मिलन हो धरती और गगन में। मिलूँ वहाँ मैं जहाँ मिलन हो धरती और गगन में।
दो जिस्म एक जान हो रहे हम हाँ यही प्यार है। दो जिस्म एक जान हो रहे हम हाँ यही प्यार है।
इबादत सी हो गई मुहब्बत तेरी तेरे पास आऊँ कैसे। इबादत सी हो गई मुहब्बत तेरी तेरे पास आऊँ कैसे।
कुछ कसमें हैं, दो दिलों कि कुछ रस्में हैं। कुछ कसमें हैं, दो दिलों कि कुछ रस्में हैं।
तुम बने दिया मैं बाती रे ओ साथी रे, ओ साथी रे। तुम बने दिया मैं बाती रे ओ साथी रे, ओ साथी रे।
मैं आऊँगी तुम्हारे पास बहुत सा वक़्त लेकर सारी उम्र तुम्हारे साथ गुजारने आना है मुझे मैं आऊँगी तुम्हारे पास बहुत सा वक़्त लेकर सारी उम्र तुम्हारे साथ गुजारने आना ह...
कभी तो दिल में बस के प्यार किया कीजिये। कभी तो दिल में बस के प्यार किया कीजिये।
बचपन पर जो छाले पड़े उन किताबों को धूप में छोड़ देना। बचपन पर जो छाले पड़े उन किताबों को धूप में छोड़ देना।
मेरे नाम को उस अंदाज़ में कहना क्या यही तेरा प्यार हैं। मेरे नाम को उस अंदाज़ में कहना क्या यही तेरा प्यार हैं।
वो भी बदलती रही पीछे हटते-हटते वो मेरी हो गई। वो भी बदलती रही पीछे हटते-हटते वो मेरी हो गई।
पर तुम्हें सच कौन बताए कि, मैं उस वक्त भी तुमसे झूठ कहूंगी ! पर तुम्हें सच कौन बताए कि, मैं उस वक्त भी तुमसे झूठ कहूंगी !
दिल पर हाथ रख कर बताना यारों, क्या यही प्यार। दिल पर हाथ रख कर बताना यारों, क्या यही प्यार।
सुकून का सिलसिला न रहा अब रूठना, मनाना, वादे निभाना कल सा हो गया सब। सुकून का सिलसिला न रहा अब रूठना, मनाना, वादे निभाना कल सा हो गया सब।
ना टूटता ये ख़्वाब ना दिल तेरी याद में रोता। ना टूटता ये ख़्वाब ना दिल तेरी याद में रोता।
नैना कजरा ना लगावा दिनवा रात हो जाई नैना कजरा ना लगावा दिनवा रात हो जाई
ललचा कर मुझे कॉटन-कैंडी-सी अलोप जाती हो। ललचा कर मुझे कॉटन-कैंडी-सी अलोप जाती हो।
याद आती है वो राहें तुम हो कहाँ ये समझाती है याद आती है वो राहें तुम हो कहाँ ये समझाती है