धूप का स्वागत करे
धूप का स्वागत करे
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सुनहरी धूप लुभावनी खिली खिली
संग उस के देखो वो कली है खिली ।।
ठंडी हवा के बह रहे पुरजोर झोकें
बाहर निकलकर कोई नजारा ना देखे ।।
सुनहरी धूप जब निकलकर आयी
गर्म चाय की फरमाईश फौरन आयी ।।
बरामदे मे चलो चले गप्पे शुरु करे
नरम सुहावनी धूप का स्वागत करे ।।
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