STORYMIRROR

shekhar kharadi

Romance Classics

3  

shekhar kharadi

Romance Classics

असंभव

असंभव

1 min
283

असंभव है प्रेम पत्र

स्याही-कलम-कागज़ के बिना

रक्त रंजित ख़त लिख दूँ !


अपनी त्वरित जलन पीड़ा जानकर

सिर्फ तेरे नाम के पतें पर भेज दूँ !


दूत-सखी-मित्र के बिना

वोट्सअप-फेसबुक-ट्विटर पर देख ले तू

एहसासों का अनगिनत भाव


शीघ्र हृदय से पढ़ ले तू

समुद्र से गहरी मेरी चाहत।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance