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सीमा शर्मा सृजिता

Classics Inspirational

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सीमा शर्मा सृजिता

Classics Inspirational

अपनी हिन्दी

अपनी हिन्दी

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बावन अक्षर से सजी धजी 

सुन्दर सी अपनी हिन्दी है 

भारत माता के मुखडे़ पर

लाल चमकती बिन्दी है।


सहज - सरल नदिया सी है 

खिलते पुष्पों की बगिया सी है 

हिन्दी भारत की शान है 

लिपियों में लिपि महान है।


मीठी है जैसे शहद मीठा

पूजा का जैसे हो टीका 

 बांधा एक डोर में देश को 

मन भाती ये परदेश को।


हिन्दी की पताका लहराती 

दुनिया के कोने - कोने में 

हिन्दी भाषा है मुस्कराती 

दुनिया के कोने -कोने में।


सात स्वरों की है जननी 

अजर - अमर अपनी हिन्दी 

भावों की अभिव्यक्ति है 

हिन्दी भारत की शक्ति है।


गर्व से सीना तान कहो 

हां ! हूं मैं सच्चा हिन्दी भाषी 

मुझको कोई संकोच नहीं 

मैं हूं सच्चा भारतवासी।


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