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Neetu Lahoty

Romance

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Neetu Lahoty

Romance

अपनी -अपनी राह

अपनी -अपनी राह

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रुकी मैं भी थी 

तो ठिठके वो भी थे 

मुस्कुरायी मैं भी थी 

तो आँखों में चमक आयी 

उनके भी थी 


फिर अचानक फिज़ा

में कड़वाहट फैल गयी 

मुस्कराहट पल भर

रुखसत हुई 


आँखें अजनबी सी हो गयी 

और दोनों चल दिये

अपनी -अपनी राह पर



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