अपना वतन
अपना वतन
ये है अपना प्यारा वतन ,
करना है सबको इसका जतन ,
इसे मिलकर फिर से बनाएंगे,
सोने की चिड़िया तन मन से,।
दूर है करना भ्रष्टाचार जो ,
खुद से करनी है शुरुआत ,
ना हम करेंगे कोई भ्रष्टाचार ,
ना हम करने देंगे अत्याचार ,।
जाति पाती ,और अधर्म का,
छोड़ना है सबको साथ ,
हम हैं सनातन के सनातनी,
हमारे संस्कार में ना हो कमी ,।
ये मिट्टी है हमारी ,धरती है हमारी,
हम सब है इस धरती के लाल ,
चाहे कितने भी आ जाए तूफान,
हम अपने वतन का बढ़ाएंगे मान,।
