Sandiponi Tasha
Drama
सफ़र पर निकला था
कोई मंजिल नहीं
ना ठहरने का पता।
ढूंढने को कुछ खास ना था
बस कुछ खोई हुई
चीजों को लौटाना
चाहता था।
सफ़र अंजान था
मन अशांत
लक्ष्य स्थिर था
पर मंजिल लापता।
क्या यही प्या...
नदी
आ बैल मुझे मा...
पत्र जो लिखा ...
अंजान सफ़र
बीती रात कमल ...
रिश्तों की पो...
कदम से कदम
तू मेरे दिल क...
जो हुआ सो हुआ
भगवान् था, शैतान था, हैवान था, ज़िंदा होकर भी...वो बेजान था। भगवान् था, शैतान था, हैवान था, ज़िंदा होकर भी...वो बेजान था।
चिंता को तू कर दे टाटा, मन में अलख जगा ले, खुद-सा साथी नहीं मिलेगा, खुद से प्रीत लगा ले...! चिंता को तू कर दे टाटा, मन में अलख जगा ले, खुद-सा साथी नहीं मिलेगा, खुद से प्रीत...
इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी। इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी।
लंका में अग्निकांड भी मैं था लंका में अग्निकांड भी मैं था
एक वृक्षात्मा...। एक वृक्षात्मा...।
माँ की कितनी बात सुनाऊँ, ममता की प्रतिमूर्ति ऐसी, देवी छोटी पड़ जाती है, धरती पे माँ कहलाती है। माँ की कितनी बात सुनाऊँ, ममता की प्रतिमूर्ति ऐसी, देवी छोटी पड़ जाती है, धरती प...
मेरे इतवारी चम्मच, अब रोज़ जूड़ा तुम ही बनाना ! मेरे इतवारी चम्मच, अब रोज़ जूड़ा तुम ही बनाना !
"मैं अक्सर जब लिखने बैठता हूँ,वह मेरे साथ बैठ जाया करती है.दीदी,मेरी छोटी बहन.मैं कुछ लिखता हूँ और व... "मैं अक्सर जब लिखने बैठता हूँ,वह मेरे साथ बैठ जाया करती है.दीदी,मेरी छोटी बहन.मै...
The unknown story of a vigilant worrier, worshiper of lord Shiva and the king of Lanka, RAVANA The unknown story of a vigilant worrier, worshiper of lord Shiva and the king of...
रोज़ सुबह इस मकान से बाहर क़दम रखने से पहले ही चौखट टोक देती है “कम से कम आज तो एक घर कमा के ही लौटना!... रोज़ सुबह इस मकान से बाहर क़दम रखने से पहले ही चौखट टोक देती है “कम से कम आज तो एक...
अगर तुम्हारे मन में आये कभी कोई प्रश्न तो पूछना इस जहां के लोगों से. अगर तुम्हारे मन में आये कभी कोई प्रश्न तो पूछना इस जहां के लोगों से.
जब पथ मंजिल को बिसरा दे, तब भी तुमको चलना होगा, मोती सागर से चुनना होगा...! जब पथ मंजिल को बिसरा दे, तब भी तुमको चलना होगा, मोती सागर से चुनना होगा...!
ये कूड़ा जिसको कल भी मेरे नेता पैदा करते रहेंगे, और मैं टटोलूंगा कल भी इस कूड़े में अपनी किस्मत को । ये कूड़ा जिसको कल भी मेरे नेता पैदा करते रहेंगे, और मैं टटोलूंगा कल भी इस कूड़े ...
बदल जाएगी हर तस्वीर, और हर वो मंजर, जिनके तले दबी, डरी और सहमी चुप्पी, तोड़ देगी अपना दम । बदल जाएगी हर तस्वीर, और हर वो मंजर, जिनके तले दबी, डरी और सहमी चुप्पी, तोड़ दे...
अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर ! अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर !
तुम मुझे बहुत याद आती हो माँ तब तुम मुझे बहुत याद आती हो...! तुम मुझे बहुत याद आती हो माँ तब तुम मुझे बहुत याद आती हो...!
रह गए हैं बस, मैं, मेरी यादें, मेरी बातें, और मेरा साथ...! रह गए हैं बस, मैं, मेरी यादें, मेरी बातें, और मेरा साथ...!
उसके प्रांगण में दौड़ता मेरा वर्तमान थम जाता है, तब मेरा गाँव मुझे याद आता है। उसके प्रांगण में दौड़ता मेरा वर्तमान थम जाता है, तब मेरा गाँव मुझे याद आता है...
रूठ कर इस तरह तुम न जाया करो, खता क्या है मेरी कुछ बताया करो... रूठ कर इस तरह तुम न जाया करो, खता क्या है मेरी कुछ बताया करो...
क्योंकि कुछ चीज़ों का कभी बँटवारा नहीं होता ! क्योंकि कुछ चीज़ों का कभी बँटवारा नहीं होता !