Sandiponi Tasha
Drama
सफ़र पर निकला था
कोई मंजिल नहीं
ना ठहरने का पता।
ढूंढने को कुछ खास ना था
बस कुछ खोई हुई
चीजों को लौटाना
चाहता था।
सफ़र अंजान था
मन अशांत
लक्ष्य स्थिर था
पर मंजिल लापता।
क्या यही प्या...
नदी
आ बैल मुझे मा...
पत्र जो लिखा ...
अंजान सफ़र
बीती रात कमल ...
रिश्तों की पो...
कदम से कदम
तू मेरे दिल क...
जो हुआ सो हुआ
द्रौपदी है नाम जिसका उसे पांचाली बुलाते हैं।। द्रौपदी है नाम जिसका उसे पांचाली बुलाते हैं।।
आस ही लगी रही कि कभी तो सफ़र साथ-साथ होगा, आस ही लगी रही कि कभी तो सफ़र साथ-साथ होगा,
खाली पड़े कोनों को भर देती किसी सुंदर विचार से खाली पड़े कोनों को भर देती किसी सुंदर विचार से
मैंने स्त्री के दामन कालांतर से चल रहे उन शोषण को देखा है मैंने स्त्री के दामन कालांतर से चल रहे उन शोषण को देखा है
जिससे बचने के लिए भीड़ भरी जगहों पर जाता हूँ मैं। जिससे बचने के लिए भीड़ भरी जगहों पर जाता हूँ मैं।
हर बरस एक उम्र बढ़ती यादें भी परवान चढ़तीं हर बरस एक उम्र बढ़ती यादें भी परवान चढ़तीं
पहले जैसे किसी से इजाजत लेने की अब दरकार थोड़े ही है। पहले जैसे किसी से इजाजत लेने की अब दरकार थोड़े ही है।
मैं अंगारों में तराशा गया हूं लोग डरते आंख बंद कर मैं अंगारों में तराशा गया हूं लोग डरते आंख बंद कर
किसी की आंखों को हरजाई का इंतजार रहेगा। किसी की आंखों को हरजाई का इंतजार रहेगा।
वैसे कुछ इंसान यहाँ इंसान को जानवर तौलते हैं। वैसे कुछ इंसान यहाँ इंसान को जानवर तौलते हैं।
हाँ ये बारिश की बूंदें कौन सा अजीब अहसास देती है ? हाँ ये बारिश की बूंदें कौन सा अजीब अहसास देती है ?
पर प्यार बांटना सिखाया जाता मैं एक सहनशील नारी हूं। पर प्यार बांटना सिखाया जाता मैं एक सहनशील नारी हूं।
की वह ऊँगली ही भूल जाओ जिन्हे पकड़ तुमने चलना सीखा था.... की वह ऊँगली ही भूल जाओ जिन्हे पकड़ तुमने चलना सीखा था....
टूटता गया, बिखरता गया जो वक्त के साथ वो मलबा कोई ख्वाब था। टूटता गया, बिखरता गया जो वक्त के साथ वो मलबा कोई ख्वाब था।
एक नई याद जुड़ेगी मेरे अक्स से, उसे मेरे साथ ही रह जाने दो। एक नई याद जुड़ेगी मेरे अक्स से, उसे मेरे साथ ही रह जाने दो।
अलख निरंजन प्रभु दुःख भंजन मेरे प्रभु तुम्हें मेरा प्रणाम। अलख निरंजन प्रभु दुःख भंजन मेरे प्रभु तुम्हें मेरा प्रणाम।
आज यादें है पर पहले जैसा अब कुछ नही रह गया है, तुम हो मैं हूं बस रिश्ता बदल गया है। आज यादें है पर पहले जैसा अब कुछ नही रह गया है, तुम हो मैं हूं बस रिश्ता बदल ग...
सीता और राम को मिलवा दो शांति का पैग़ाम भिजवा दी। सीता और राम को मिलवा दो शांति का पैग़ाम भिजवा दी।
मेरे चाहने वालो...खुलकर हँसलो, मैं जोकर...इस रंगमंच का नायक हूँ ! मेरे चाहने वालो...खुलकर हँसलो, मैं जोकर...इस रंगमंच का नायक हूँ !
सुकून मिलता है एक आसमां और जमीन यहीं एक सूरज और चांद यहीं खास रहने वाले हैं। सुकून मिलता है एक आसमां और जमीन यहीं एक सूरज और चांद यहीं खास रहने वाल...