STORYMIRROR

karan ahirwar

Drama

3  

karan ahirwar

Drama

अनजान मेहमान

अनजान मेहमान

1 min
237

मेरा जो भी नाम था सब अनजान था

सिर्फ़ तेरा इश्क ही मेरी पहचान था


जिसे भगाने में लग जाता है पूरा घर

मैं भी तेरी बातों का वो मेहमान था


तू चाहे जितनी नफरत करे मुझसे

मेरे लिए तो तू ही मेरा रहमान था



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama