अलविदा 2022
अलविदा 2022
कहते हैं जो चला जाये उसकी केवल अच्छी बातें ही याद करो ,
तोहमत लगा कर बुराइयों को पकड़ क्यों उसकी छवि खराब करो ,
हर जाता साल मुझे कुछ कुछ गुरू के जैसा प्रतीत होता है ,
कुक कड़वे कुछ मृदु जीवन के सबक कान उमेठ कर देता है,
करता है पुरस्कृत तो कभी छोटी सी भूल का दण्ड भयंकर है,
उठक बैठक कराया कभी गोद में ले सहलाता प्रेम भरा मन भीतर है,
पिता के जैसा कठोर जीवन की गहराइयों ऊंचाइयों से मिलन करवाता है,
माता के जैसा गोद उठाता सर सहलाता माथा चूम गले लगाता है,
कुछ संस्मरण करेले कड़वे ऐसे मुंह का स्वाद बिगाड़ गये ,
पर वो थे औषधि के जैसे फायदे अपने बाद में समझा गये,
स्वास्थ्य बड़ा अनमोल है यह विगत वर्ष ही ज्ञात हुआ ,
जब अपने ही हाथों का बना भोजन आपरेशन के दो दिन बाद मिला,
जब चोट लगती है तो सबसे पहले रिश्ते तार तार होते हैं,
सीख लिया है मैंनें कैसे जबरदस्ती के रिश्तों से बाहर होते हैं,
बहुत बहुत शुक्रिया 2022 तुमने परिवार का महत्व बताया,
बुरे वक्त में जो डट कर खड़े रहे संग उनका अपनापन दिखलाया,
अपनों में छुपे पराये और परायों से बनते अपने रिश्ते,
जो वक्त बेवक्त साथ निभाये वो ही हैं अनमोल फरिश्ते,
शुक्र है मेरी छोटी सी झोली अनमोल हीरों से भरी हुई है,
अलविदा 2022 तुम्हारे साथ बहुत खूबसूरत स्मृतियां सजी हुई हैं।
