अक्सर पत्नी की बुराई करते हैं
अक्सर पत्नी की बुराई करते हैं
कुछ इस तरह लोग रिश्तों की नुमाइश करते हैं
खुद को अच्छा बता अक्सर पत्नी को बुरा कहते हैं
वो लोग असली और नकली का फर्क नहीं जानते
कितना भी कोसो तुम उसे पर वही साथ निभाएगी
चौदह वर्ष के वनवास में वही साथ जाएगी
और वही पति की आज्ञा से
चौदह वर्ष अकेले ससुराल में बिताएगी
कितना भी बुरा कह लो
पर वही दुख –सुख निभाएगी
पिता का घर छोड़
जीवनभर तेरे पीछे पीछे चलेगी
आँखें होने पर भी
आँखों पर पट्टी वही बाँध सकेगी
क्योंकि वो तेरा दुख नहीं देख सकेगी
पर अब क्या कहू
दस्तूर सा हो गया हैं दुनिया का
कि हर बेवफा इंसान
सच्चे प्यार की ही बुराई करता हैं
और कोई नहीं वही
तेरे वंश का हकदार जनेगी
तेरे बच्चों की माँ और अच्छी दोस्त भी बनेगी
अपने सिंदूर की खातिर वही
यमराज के पीछे –पीछे यमलोक तक चली जाएगी
क्योंकि वह तेरे बिन न जी पाएगी
कितना भी जुल्म करे तू उस पर
पर वह सब सह लेती है
अरे पगले इतना तो समझ
क्यूँकि वह तुझसे बेइन्तहा प्यार करती है
उसकी कदर तुझे उस दिन समझ आएगी
जब वह तुझे छोड़ इस जग से जाएगी l
