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अक्सर मुझसे सवाल पूछ लेते हैं

अक्सर मुझसे सवाल पूछ लेते हैं

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मेरे जज़्बात अक्सर मुझसे

सवाल पूछ लेते हैं

तन्हाई के आलम में ये ज़ख्म

बहुत देते हैं

मेरे जज़्बात अक्सर मुझसे

सवाल पूछ लेते हैं 


हम बैठ के किसी कोने में

वो मेरा होने में, दोनों रोते हैं 

मेरे जज़्बात अक्सर मुझसे

सवाल पूछ लेते हैं


थका, हारा, बेबसी में करवट

फेरता हूँ, तो दर्द बहुत होते हैं

मेरे जज़्बात अक्सर मुझसे

सवाल पूछ लेते हैं


वो इश्क़ की समंदर मैं

दर्द का दरिया,

आपस में मिलकर ख़ुश

बहुत होते हैं

मेरे जज़्बात अक्सर मुझसे

सवाल पूछ लेते हैं


सुनाई नहीं देता जब उसके

घुंघरू की आवाज़, बेकस

हो जाते हैं

मेरे जज़्बात अक्सर मुझसे

सवाल पूछ लेते हैं



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