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Gautam Sagar

Tragedy

4  

Gautam Sagar

Tragedy

ऐसे नहीं जाना था ड्यूड

ऐसे नहीं जाना था ड्यूड

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ऐसे नहीं जाना था ड्यूड 

कम बैक करना था ना 

किसकी लाइफ 

रेलवे लाइन की तरह सीधी है 

किसकी लाइफ 

केवल खुशियों से भरी है 

 

मन तो साला पागल है 

मन के चक्कर में मत पड़ 

मन तो साला बादल है 

इसके पीछे पीछे मत बढ़ 

 

मन तो चाहता है 

हर दिन तेरे हाथ में ट्रॉफी हो 

मन तो चाहता है 

हर दिन वही कल वाली कौफ़ी हो 

 

इससे हारना नहीं था 

इससे लड़ना था न 

ऐसे नहीं जाना था ड्यूड 

कम बैक करना था ना 

 

परेशान हो तो फोन लगाओ

तेरे दोस्त किसलिए है 

बेचैन हो तो इंस्टा  

टिवीटर पर बताओ 

तेरे फैन किसलिए है

 

सोशल मीडिया केवल 

हंसी वाली फोटो शेयर

करनी वाली जगह तो नहीं 

सोशल मीडिया पर 

अपने आँसू, 

अपने गम भी ले कर आओ 

 

क्या पता कोई कमेंट में 

लिखी दुआ काम आ जाए 

क्या पता 

कोई लिखा नुस्खा ही 

मन को सुकून दे जाये 

 

आगे अवसाद की अंधेरी गली थी 

लेकिन फिर उम्मीद की लौ लिए 

बढ़ना था न। 

ऐसे नहीं जाना था ड्यूड 

कम बैक करना था ना।


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