None
शत्रु भी किया अभिनंदन कि अद्भुत हिंदुस्तान। शत्रु भी किया अभिनंदन कि अद्भुत हिंदुस्तान।
कोख की कोठरी से उसकी चीख बेहोश माँ भी न सुन सकी कोख की कोठरी से उसकी चीख बेहोश माँ भी न सुन सकी
हौसलों के फूल कहीं सूख न जाये खारे आँसू की न बरसात कीजिये हौसलों के फूल कहीं सूख न जाये खारे आँसू की न बरसात कीजिये
यह भी ध्यान रहे देखो , चिकित्सा पथहीन न हो। यह भी ध्यान रहे देखो , चिकित्सा पथहीन न हो।
कहीं दूर जब दिन ढल जाए वही शाम जब फिर से आये ! कहीं दूर जब दिन ढल जाए वही शाम जब फिर से आये !
हम दुश्मन को कुचलेंगे हम दुश्मन को कुचलेंगे
ऐसे नहीं जाना था ड्यूड कम बैक करना था ना। ऐसे नहीं जाना था ड्यूड कम बैक करना था ना।
बस अरजेंट है यह बात आज जनता का कर्फ़्यू अर्जेंट है बस अरजेंट है यह बात आज जनता का कर्फ़्यू अर्जेंट है
भाव रूपी धृत तेल से दीया प्यार का जले। भाव रूपी धृत तेल से दीया प्यार का जले।
एक ही पीपल के पत्ते में कोई हृदय की आकृति देखता है कोई रौंद कर आगे बढ़ा जाता है कोई उस प... एक ही पीपल के पत्ते में कोई हृदय की आकृति देखता है कोई रौंद कर आगे बढ़ा ...