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PANKAJ SAHANI

Inspirational

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PANKAJ SAHANI

Inspirational

ऐसे नहीं देश गिरता है कोई

ऐसे नहीं देश गिरता है कोई

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ऐसे नहीं देश गिरता है कोई,

दुश्मनों की चाल सदियों से 

गहरा साजिश रचा रहता है ,

अंत करके इस देश में,

वो भी दिखाया जाता है 

जब कहानी में बहुत कुछ,

और शेष बचा रहता है ,


आंकता है दुश्मन ,

युवा के मानसिक संतुलन को

फिर इस क़दर नक़ली ,

माहौल बनाया जाता है

नायक के किरदार में 

खलनायक जब-तक दिखने ना लगे 

तब तक कहानी को निचोड़ 

निचोड़ कर फिल्माया जाता है ।


फिर घुलने लगता है,

विष तुम्हारे विचारों में ,

और कपटता का तुम्हें,

 लत लगाया जाता है,

लगता हैं मस्तिष्क में द्वेष ,

घूमने देश के प्रति,

इस तरह इस *भारत* को ,

कमजोर बनाया जाता है।


--पंकज साहनी 



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