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Pratibha Bhatt

Abstract Romance

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Pratibha Bhatt

Abstract Romance

अगर मैं????

अगर मैं????

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अगर मैं खामोश हो गई तो??

समझ पाओगे??

वो अनकही बातें....

जो उस दर्द में छिपी होंगी??


अगर मैं कुछ भूल गई तो??

याद दिला पाओगे ??

वो संजोई यादें........

जो प्रेम के बंधन में बंधी होंगी??


अगर मैं थक कर बैठ गई तो??

थाम पाओगे??

अपने हाथ में.....

हाथ पकड़कर रास्तों पर चल सकोगे ??


अगर मैं फफक कर रो पड़ी तो??

पोंछ सकोगे ??

टपके जो गालों में.......

सीने से लगाकर शांत कर सकोगे??


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