अधूरे रिश्ते को
अधूरे रिश्ते को
कुछ अल्फ़ाज़ तेरे लिए मुझे लिखने में आ जाएँ......
तो तुम क्या हो मेरे लिए , ये हम तुम्हें बता पाएं...
आंख खुलते ही होने वाला पहला खुशनुमा अहसास हो तुम
सच कहूं तो मुझे भी नही पता मेरे लिए कितनी खास हो तुम
पहले ये लगता था कि शायद मेरे लिए मेरा जुनून हो तुम
लेकिन ये समझ आया कि मेरे लिए दिल का सुकून हो तुम
अपने दिल के हर अहसास को बयां करने की सबसे आसान जगह हो तुम
मेरे जीवन की न जाने कितनी सारी खुशियों की एकमात्र वजह हो तुम
कुछ अच्छा करने पर पीठ पे मिलने वाली थप्पी हो
सच कहूं तो तुम मेरे लिए जादू की झप्पी हो
यार मेरी जिंदगी में भी कुछ ऐसा खूबसूरत बसा मंज़र कर देना
कभी तुम अपने मन से मेरे कांधे पे अपना सर कर देना
मुझे कुछ नही चाहिए तुमसे बस मेरा एक छोटा सा काम करदेना
जब भी तुम्हे मौका मिले अपने जीवन के कुछ हिस्से मेरे नाम कर देना
यार एक और छोटी सी ख्वाहिश पूरी कर देना इबादत के बगैर...
कभी मुझे आकर गले लगा लेना मेरी इज़ाज़त के बगैर...

