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Shiwani Kumari

Romance

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Shiwani Kumari

Romance

अबके जब तुम मिल गए हो

अबके जब तुम मिल गए हो

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अबके जब तुम मिल गए हो तो तुम्हारा नाम लिख दूं

एक तुम्हारा नाम लिख दूं या सकल संसार लिख दूं।


तो विगत की स्मृति पर कल्पना विस्तार लिख दूं

या हृदय की मरूधरा पर एक नदी की धार लिख दूं।


शुष्क से जीवन दिवस में हर दिन नया त्यौहार लिख दूं

शब्द की लड़ियां सजा लू या कोई श्रृंगार लिख दूं।


मौसमों से रंग लेकर स्वप्न एक साकार लिख दूं

एक तुम्हारा नाम लिख दूं या सकल संसार लिख दूं।


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