STORYMIRROR

Shiwani Kumari

Others

2  

Shiwani Kumari

Others

कविता

कविता

1 min
128

जब चाँद उबासियाँ

लेने लगता है

शजर की ओट में ..

तब दुनिया के निःशब्द

शोर से

मन में उठे हिलोर से

भावनाओं की छोर से

जन्म लेती है कविता!


कर सको तो करना!

मेरे मौन का अनुवाद

मेरी कविताओं का भी

अर्थ स्पष्ट हो जाएगा!


Rate this content
Log in