STORYMIRROR

Kumar Naveen

Action

2  

Kumar Naveen

Action

'अभिनंदन ' तेरा अभिनंदन

'अभिनंदन ' तेरा अभिनंदन

1 min
238

नाज भारत को, पायलट तेरी उड़ान पर है,

वतन के वास्ते तूने, लगा दी जान की बाजी।

परेशां 'पाक' को सदियों तक ये याद रहेगा,

सरहद पार विमानों से, तुम्हारी आतिशबाजी।


पड़ोसी 'पाक' तेरी हिम्मत के आगे,

कर रहा क्रंदन।

आज अपने मुल्क में,

'अभिनंदन' तेरा अभिनंदन।


लक्ष्य को भेदकर, तुमने जमीं पर पाँव जब रखा,

समझ अपना वतन, जयगान वंदेमातरम् बोला।

सरजमीं थी पाक की, जब समझ लिया तूने,

जिस्म के चोट भी भूले, पर कोई राज़ ना खोला।


देश के शुरवीर तुम्हें,

दिल से बार-बार वंदन।

आज अपने मुल्क में,

'अभिनंदन' तेरा अभिनंदन।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action