Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Mahesh Kumar

Drama Romance Action

4.5  

Mahesh Kumar

Drama Romance Action

प्यारी बेबशी

प्यारी बेबशी

1 min
244


देखा है वो वक़्त ज्ञानी

रुक जाती है जुबानी

सिल जाते होंठ जहाँ

स्वयं नाप-तोल में


रूह से ये मन बोले

आंखों में ना आंखें डोले

सुनने है शब्द सांझे

बेचैनी माहौल में


तेवर की तीव्र होली

अंगारो जैसी रंगोली

घुल गई धुँआ भी तो 

स्नेह के घोल में


अभिमानी गई जानी

सब मस्त दाना-पानी

शिख मैंने सिख लई

प्यार के ही बोल में


स्वयं नाप-तोल में जी

स्वयं नाप-तोल में।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama