Mahesh Kumar
Action Crime
यहाँ चोर-चोरी समझता नहीं,
वह अक्सर समझाना पड़ता है।
कानून की किसको जरूरत है,
मगर समाज बचाना पड़ता है।
पहल की भूल
प्रार्थना
समाज
घर की रानी
जलन
गीत: दौर-ए-मु...
कैसा तलाक
नाप-तौल
(गीत: माँ हिं...
मजबूर किसान ह...
तोड़ कर शरीर, मन से, अबला उसे बनाया जाए। तोड़ कर शरीर, मन से, अबला उसे बनाया जाए।
कभी खुद ही माने कभी रूठ जाए l सच्चा मित्र बस वही कहलाए l कभी खुद ही माने कभी रूठ जाए l सच्चा मित्र बस वही कहलाए l
अत्याचारी को सबक सिखाना रौद्र रूप में समझाती धरती माताl अत्याचारी को सबक सिखाना रौद्र रूप में समझाती धरती माताl
प्यारी बिटिया आँखें जब नचाये दिल खुश हो जाय। प्यारी बिटिया आँखें जब नचाये दिल खुश हो जाय।
वक्त की किताब के, उन पन्नों को, फिर से बांचना चाहता हूँ। वक्त की किताब के, उन पन्नों को, फिर से बांचना चाहता हूँ।
यह बिंदी हमेशा चमकती रहे। तेरे सादगी भरे सिंगार में तेरा यूं ही टपकता रहे। यह बिंदी हमेशा चमकती रहे। तेरे सादगी भरे सिंगार में तेरा यूं ही टपकता रहे।
निर्वाह करने में स्वयं को परम सौभाग्यशाली मानता हूँ ! निर्वाह करने में स्वयं को परम सौभाग्यशाली मानता हूँ !
जीवन के नये रंगों को जरा नये नजरिये से देखो। जीवन के नये रंगों को जरा नये नजरिये से देखो।
पश्चिम देशों में विपरीत रंग हमेशा ही पहनते, पश्चिम देशों में विपरीत रंग हमेशा ही पहनते,
आँखों को शीतलता प्रदान करता है, परिवेश में ऊर्जा का संचार करता है। आँखों को शीतलता प्रदान करता है, परिवेश में ऊर्जा का संचार करता है।
भूरा रंग गहरे रंग की लकड़ी भी हमेशा दर्शाता, ये रंग समृद्ध मिट्टी जैसे मिलता जुलता दर भूरा रंग गहरे रंग की लकड़ी भी हमेशा दर्शाता, ये रंग समृद्ध मिट्टी जैसे मिलता...
तप धैर्य बलिदान प्राश्चित का प्रतीक है, नवविवाहितों के लिए प्रेम का प्रतीक है। तप धैर्य बलिदान प्राश्चित का प्रतीक है, नवविवाहितों के लिए प्रेम का प्रतीक ह...
अपने देश हित में काम करो तुम, परचम लहरा दो देश-विदेश l अपने देश हित में काम करो तुम, परचम लहरा दो देश-विदेश l
प्रेम में वफ़ा नहीं धोखा दग़ा हर नारी को देना चाहिए। प्रेम में वफ़ा नहीं धोखा दग़ा हर नारी को देना चाहिए।
एक- दूसरे के साथ से हम अपनी मिसाल कायम करें ऐसा फिर से उत्साह जगाता हूँ। एक- दूसरे के साथ से हम अपनी मिसाल कायम करें ऐसा फिर से उत्साह जगाता हूँ।
श्याम कुन्तल का नागिन सा कबरी भार, सुन्दरता का जो अनुपम उपमान। श्याम कुन्तल का नागिन सा कबरी भार, सुन्दरता का जो अनुपम उपमान।
व्यस्त हैं दुनिया के सामने दिखावटी मुस्कान मुस्कुराने में व्यस्त हैं दुनिया के सामने दिखावटी मुस्कान मुस्कुराने में
प्रेम, त्याग, एकता, समर्पण सिखाता l परिवार समाज की नींव बनाता l प्रेम, त्याग, एकता, समर्पण सिखाता l परिवार समाज की नींव बनाता l
प्यार में ज़्यादा कुछ न हम चाहे, बस सदा राज़ दिलों में ये छुपाएँ। प्यार में ज़्यादा कुछ न हम चाहे, बस सदा राज़ दिलों में ये छुपाएँ।
कुछ इस तरह से रुक गया था वो समा थी चाह जीने की, था दिल खुशनुमा कुछ इस तरह से रुक गया था वो समा थी चाह जीने की, था दिल खुशनुमा