STORYMIRROR

Suchismita Sahoo

Drama Romance

4  

Suchismita Sahoo

Drama Romance

अभिमान

अभिमान

1 min
214

सोची थी, उनसे अभिमान दिखाके

उनके पास नखरा दिखाके


बहुत सारा प्यार ले लूँगी

परन्तु उनका सोच अलग है

मेरी अभिमान को

वो गुस्सा सोच बैठे


और दूर जाने की तैयारी कर लिये

बहुत दूर, बहुत दूर

जहाँ तक मेरा अभिमान, मेरे नखरें

कभी पहुँच भी नहीं पायेंगे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama