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Suchismita Sahoo

Abstract

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Suchismita Sahoo

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सुकून

सुकून

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आज दिल को बड़ा सुकून है

अपनी कड़ी मेहनत को

रंग लाते देख कर

बगीचे में खिले फूल के साथ

पूरी दुनिया को

मुस्कराते देख कर


आज दिल को बड़ा सुकून है

प्रदूषण से तड़पती हुई दुनिया में

जीवन की नई आशा जगा कर

अंधेरे की गहराईयों में

थोड़ी सी रोशनी दिखा कर


आज दिल को कितना सुकून है

खिले हुए फूलों के साथ

तुम्हें मुस्कराते हुए देख कर

मेरे दिल के वीराने में

खुशियों को भरते देख कर।


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