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आनंद कुमार

Inspirational

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आनंद कुमार

Inspirational

अभी तो नापी है दो गज जमीन

अभी तो नापी है दो गज जमीन

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अभी तो नापी है दो गज जमीन,

अभी तो सारा आसमान बाकी है।

चल पड़े हैं अपने रास्ते,

अभी तो पूरा जहान बाकी है।


कारवां गुजरें होंगे हजारों इस रास्ते से,

लेकिन अभी तो हमारा मुकाम बाकी है।

तूफानों से कह दो ले ले आजमाइशें जितनी भी,    

अभी तो ना जाने ऐसे कितने इम्तिहान बाकी है।


गर्दिश में हैं सितारे बेशक, मेरी फितरत है उबरना,

अभी तो ना जाने ऐसे कितने ब्रह्मांड बाकी है।

जोर लगना है लगा लो जितना,

इरादे है पहाड़ झुकना नाकाफी है।


क्षितिज पर देखी है शाम,

अभी तो सुबह का एहतराम बाकी है।

परिंदा हूं रोक लो जितना रोकना है,

अभी तो अम्बर के पार उड़ान बाकी है।


अभी तो नापी है दो गज जमीन,

अभी तो सारा आसमान बाकी है।

नदियां की निर्मल धारा हूं मैं,

अभी तो उफ़ान बाकी है।


अभी तो जीता है आधा रण,

अभी तो संपूर्ण संग्राम बाकी है।

तुमने देखा है शांत महासागर को,

अभी तो सरसराती लहरों का तूफान बाकी है।


दिख रही है फिजाओं में शांति मगर,

अभी तो प्रक्षेप्रास्त्र का कोहराम बाकी है। 

अभी तो नापी है दो गज जमीन,

अभी तो सारा आसमान बाकी है।

            


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