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Meenaz Vasaya. "મૌસમી"

Inspirational

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Meenaz Vasaya. "મૌસમી"

Inspirational

"सबकुछ बदलता रहता है।"

"सबकुछ बदलता रहता है।"

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सबकुछ बदलता रहता है,एक सा नही रहता,

जो आज है वोही कल नही रहता।

एक सी नही रहती कभी कायनात,

कही दिन होता है कही होती है रात।

एक सा नही रहता कभी कोई रिश्ता ,

हालात के अनुसार बदल जाते है तालुकात।

हालात के हाथो मजबूर होता है आदमी,

परिस्थितियों के साथ बदलते है उसके जज्बात।

समय की मार से कोई नहीं बच पाता,

वक्त के साथ बदल जाते है सब के तजुर्बात।



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