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JAYANTA TOPADAR

Inspirational

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JAYANTA TOPADAR

Inspirational

नारी-शक्ति

नारी-शक्ति

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नारी, तुम अपनी आवाज़ बुलंद करो !

और यूँ चुप्पी न साधो !


तुम अबला नहीं हो, नारी !

अन्यान्य-अविचार-अमानषिक

अत्याचार के आगे घुटने न टेको !


नारी ! तुम दुर्गतिनाशिनी बनो !

तुम माँ काली बनो !

तुम अबला नहीं हो, नारी !


तुम से ही सृष्टि-स्थिति- जीवन-संरचना है,

नारी !

तुम बिन ये का़यनात भी खुबसूरत नहीं...


तुम देवी-स्वरूप हो, नारी !

तुम इस दुनिया की सबसे

बेशक़ीमती दौलत हो !


नारी, तुम पिता की नयनमणि हो ...

तुम भाई का गर्व हो ...

तुम सुपुरुष की जीवनसंगिनी हो ... 

तुम सखी हो...तुम ही ममतामयी माँ हो...

नारी, तुम अनन्या हो...


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