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Piyush Kumar

Inspirational

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Piyush Kumar

Inspirational

धरती सूरज चाँद सितारे

धरती सूरज चाँद सितारे

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अंतरिक्ष में स्थित हैं सारे,

सभी लगे हैं प्यारे प्यारे,

जीवन का आधार हैं सारे। 

चाँद लगाए पृथ्वी का चक्कर,

धरा घूम रही अपने पथ पर,

सूर्य ग्रहों का केंद्र बिंदु है,

सभी लगाते हैं उसका चक्कर।


अंतरिक्ष तो विशाल अनंत है,

इसका नहीं कोई आदि अंत है,

पूरी तरह कोई जान न पाया,

न ज्ञानी न साधु संत है।


मन करता है मैं भी जाऊँ,

अंतरिक्ष की सैर कर आऊँ,

चाँद के ऊपर चहलकदमी कर,

मंगल ग्रह से मैं मिट्टी लाऊँ।


थोड़ा वैज्ञानिक मैं भी बन जाऊँ,

मैं भी कोई मिशन चलाऊँ,

धरा से इतर है कोई सभ्यता,

इसका मैं भी पता लगाऊँ।


दिक में कहीं और है जीवन,

इसकी मैं खोज कर पाऊँ,

मिल जाएं गर मुझको 'एलियन',

बैठ साथ मैं खूब गप्प लड़ाऊँ।


अपने साथ में उनको लेकर,

पृथ्वी का परिचय मैं कराऊँ,

उनके यान में मैं भी बैठ कर,

उनके घर की सैर कर आऊँ।



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