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Anita Koiri

Abstract Romance Inspirational

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Anita Koiri

Abstract Romance Inspirational

आया मानसून

आया मानसून

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आया मानसून आया मानसून 

हटा कर रखो चिउड़ा गुड़ और तेल नून

आएगी फिर से बाढ़

जिंदगी में बढ़ेंगी समस्याएं हज़ार


डूब जाएगा मेरा खेत टूटेंगी फिर से मेढ़

टूट जाएगा मेरा घर द्वार 

बह जाएंगे मेरे भेड़

कैसे मैं सबको बचाऊं


दूध मुहे बच्चे को चिउड़ा गुड़ कैसे खिलाऊं

रोएंगी मेरी प्यारी गायें

कहां रखूंगा इनको सोचकर मेरा रूह कांप जाए

आया मानसून आया मानसून


तुम खाओगे पकौड़े 

पहनोगे सुंदर बरसाती

मेरा बच्चा फिर रोता है जाकर उसे लगाऊं छाती।


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