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Hemisha Shah

Abstract

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Hemisha Shah

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आसमान

आसमान

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हर रंग मैं ढलता हैं आसमान 

मौसम बदलते ही बदलता हैं आसमान।


यूँ तो मिलो. तक फैला 

पंछीओको संभालता हैं आसमान।


हर सुबह रौशनी से भरा

हर रात तारों मैं सिमटता हैं आसमान। 


हर वक़्त करता चांद सूरज से मोहब्बत 

फिर क्यूँ बादलों सा पिघलता हैं आसमान। 


मेरे मन मैं इश्क़ इबादत सा है 

इसलिए तेरे सजदे मैं झुकता हैं आसमान। 


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