आशियाना
आशियाना
दो विपरीत दिशाओं में बना है
हमारा आशियाना
खुश बहुत हूं मैं देखकर तुम्हें
तुम्हारे घर पर
तुम्हें भी राहत मिली होगी देखकर
घर मेरा ....
खुशहाली की खबर मिलते रहें
बस इतनी सी चाहत है
अपने अपने आशियाने में रहें हम
बस झरोखा खुला रखना
कभी जब मौसम गमगीन हो
देखकर तुम्हें बहला लेंगे दिल
बात कभी हो न हो
बस दरवाजा खुला देख लेंगे
दुनिया हमारी हो गई अलग
पर टूटे नहीं रिश्ते
कुछ बाकी रह गया है
हिसाब हमारा ........
वो वक्त तो गुजारे थे साथ साथ
चुकाना होगा उस वक्त का किराया
देकर वक्त बे वक्त साथ अपना
बस इतना सा बाकी है लेनदेन हमारा।

