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Neeraj pal

Inspirational

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Neeraj pal

Inspirational

आरज़ू।

आरज़ू।

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चाहता हूँ, अर्पित कर दूँ, समाज सेवा में अपने प्राण। 

हे प्रभु !यही है आरजू, कर दो सभी का तुम कल्याण।


 जीवन हुआ निराधार, दीन- हीन मैं बालक तेरा ।

प्रेम- सुधा रस से भर दो ,यही है अब सपना मेरा।


 तुम्हारे सिवा इस जीवन में, दिखता नहीं कोई और है।

 जग रूठा तो कोई गम नहीं, तू रूठा तो नहीं ठौर है।


 विश्वास मेरा अटल रहे ,करता रहूँ तेरा ही गुणगान।

 भव-सागर में नैया डूबी ,तुम ही से है मेरी शान।


 हर सांस में तुम, ख्वाबों में तुम, जिसमें देखूँ तुमको ही देखूँ।

 रहे ना ख्याल किसी और का, ध्यान में भी तुम्हीं को देखूँ।


 कण-क्या में तुम ही रमे हो, लवों में हो नाम तुम्हारा।

 लेकिन मलिन भरे इस मन में ,कैसे हो निवास तुम्हारा।


 "आरज़ू" सिर्फ तेरी चाहत की, बाकी है सब मिथ्या ज्ञान।

 ऐसी कृपा "नीरज" पर भी कर दो, बस रहे तुम्हारा ही ध्यान।


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