STORYMIRROR

Neelam Sharma

Fantasy

4  

Neelam Sharma

Fantasy

आरज़ू दिल कि साँवरा 'नीलम'

आरज़ू दिल कि साँवरा 'नीलम'

1 min
0

वज़्न    -   2122 1212 22/112

अर्कान -  फ़ाइलातुन मुफ़ाइलुन फ़ैलुन/फ़इलुन 

बह्र      -  बहर-ए-ख़फ़ीफ़ मख़बून महज़ूफ मक़तूअ

काफ़िया: "ई" की बंदिश)

रदीफ़     -  दिल की

2122 1212 22/112

#मतला

इश्क़ में  बात  बन गई दिल की।

कह गई  वो अनकही  दिल की।


#हुस्ने_मत्तला

क़ाफ़िया  तंग  शायरी  दिल  की,

नज़्म में कुछ भले कमी दिल की।


#शेर

जो  दिया  है  तुने  वो  रहमत है, 

धड़कने भी  ये  दी  हुई दिल की।


#शेर

खेल  मेरे   नसीब   का  है  सब,

रह गई बात भी   दबी दिल की।


#शेर

रहमते-इश्क़  जो  मिली मुझको,

ये मुहब्बत भी आखरी दिल की।


#शेर

एक दिन  खोलकर  जी रो लेंगे,

दूर  होगी  ये  बेकली  दिल की।


#मक़्ता 

आरज़ू  दिल कि  साँवरा  'नीलम'

गोपियों  जैसी   बंदगी   दिल की।


नीलम शर्मा ✍️


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Fantasy