STORYMIRROR

Jayantee Khare

Inspirational

4  

Jayantee Khare

Inspirational

आर या पार

आर या पार

1 min
57

समक्ष युद्ध की शक्ति नहीं

ये कायरता का वार है 

शांत सहृदय वीरों को ये

दुश्मन की ललकार है


समय नहीं अब निंदा का

अब बातों का ना सार है

भूत भगाना अब लातों से

देश की यह हुंकार है


हमला करते मासूमों पर

नर जात नहीं ये सियार है

रक्त बूंद के बदले को

अब हरेक सिंह तैयार है


रक्तबीज के संहार को

माता अब तैयार है

वीरों को अब कोई न रोके

जन जन की ये पुकार है


चैन से कोई सोये अब न

वीरों की चीत्कार है

अंगारों में हाथ है डाला

अब मचेगा हाहाकार है


सीमा पर अब होगी होली

पास में ये त्यौहार है

तब जाकर के मने दीवाली

अब तो आर या पार है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational