Jayantee Khare
Comedy Tragedy
मुहब्बत भी कोरोना सी हो गई है
कोई इलाज़ ढूंढे नहीं मिल रहा है
इधर हम आइसोलेटेड हैं
उधर अल्फ़ाज़ क्वारंटाइंड हैं
यादें कर्फ्यू तोड़कर चली आ रही हैं
तब भी दिन ब दिन बढ़ती जा रही है
तेरा मेरा प्य...
ग़ुम हो जाऊं
क़ुदरत की उल्फ़...
अधूरे
आर या पार
मित्र दिवस
कोरोना के लिए...
कोरोना काल
घर में अब बसर...
कोरोना शायरी
सबके सब उसमें थे क्योंकि कन्या गूंगी भी थी। सबके सब उसमें थे क्योंकि कन्या गूंगी भी थी।
और इतना सब होने के बाद भी हमारी चीटिंग बेरोक चलती है। और इतना सब होने के बाद भी हमारी चीटिंग बेरोक चलती है।
देख तेरी बीवी हो गई मेरी और मै आंसू बहा रहा था। देख तेरी बीवी हो गई मेरी और मै आंसू बहा रहा था।
प्यार का जवाब प्यार से देती, जो गुस्सा दिखाए उसकी बोलती बंद कर देती, प्यार का जवाब प्यार से देती, जो गुस्सा दिखाए उसकी बोलती बंद कर देती,
जीजाजी हमारे किस्मत के मारे, बड़े ही खुश मिजाज सबके सहारे! जीजाजी हमारे किस्मत के मारे, बड़े ही खुश मिजाज सबके सहारे!
"रश्मि सिंघल" के सीधे चश्में में हो गया एक दिन बड़ा कमाल! "रश्मि सिंघल" के सीधे चश्में में हो गया एक दिन बड़ा कमाल!
शांत मन गुस्सा से भर जाता है पल में, बंदूकें खुद व खुद कांधे पर चढ़ जाती हैं। शांत मन गुस्सा से भर जाता है पल में, बंदूकें खुद व खुद कांधे पर चढ़ जाती हैं।
निंदा तो है रस माधुरी, सबकी प्यास बुझाए, ये तो वो माया, जो ना पकड़ी ना छोड़ी जाए। निंदा तो है रस माधुरी, सबकी प्यास बुझाए, ये तो वो माया, जो ना पकड़ी ना छोड़ी ...
ड्रैगन की मंशा बड़ी, बीजिंग ना विध्वंस। इसीलिए वह पाक से, शुरू करेगा ध्वंस। ड्रैगन की मंशा बड़ी, बीजिंग ना विध्वंस। इसीलिए वह पाक से, शुरू करेगा ध्वंस।
और मित्र न लूंगा मदिरा, हेतु तुझे बताता हूँ, अभी अभी तो पांच पैग ले, मदिरालय से आता हूँ। और मित्र न लूंगा मदिरा, हेतु तुझे बताता हूँ, अभी अभी तो पांच पैग ले, मद...
भोलेनाथ की भस्म है कविता और लेखक की कलम है कविता। भोलेनाथ की भस्म है कविता और लेखक की कलम है कविता।
घंटा पूरा एक होने को है, अभी तक, बाथरूम से बाहर नहीं निकला है। घंटा पूरा एक होने को है, अभी तक, बाथरूम से बाहर नहीं निकला है।
इस तर्क से हमारे भी आँसू भर आये समझाने गए थे समझ कर घर आये। इस तर्क से हमारे भी आँसू भर आये समझाने गए थे समझ कर घर आये।
और सूरज दादा ओढ़ उसे भगाएंगे ठंड को पार। और सूरज दादा ओढ़ उसे भगाएंगे ठंड को पार।
साली मेरी चुलबुली है, वह मेरी जान। हर पल रखती है वही, यारों मेरा ध्यान। साली मेरी चुलबुली है, वह मेरी जान। हर पल रखती है वही, यारों मेरा ध्यान।
कौन कहता है, जोड़ियाँ बनती, उपरवाले के घर। कौन कहता है, जोड़ियाँ बनती, उपरवाले के घर।
असर ऐसा हुआ दावत का लालाजी हुए बेहोश एक डॉक्टर था सिरहाने जब उनको आया होश। असर ऐसा हुआ दावत का लालाजी हुए बेहोश एक डॉक्टर था सिरहाने जब उनको आया होश।
मेरा हाथ जा के अटका, यूँ ही हल्की होती जेब पर मेरा हाथ जा के अटका, यूँ ही हल्की होती जेब पर
होली की मस्ती में हम तो भूले बैर। पार्टी देखो बदल रहे बन बैठे हैं गैर।। जोगीरा सा रा होली की मस्ती में हम तो भूले बैर। पार्टी देखो बदल रहे बन बैठे हैं गैर।। जो...
गट्ठर ख़ुशी का भूला - घोड़े की पीठ पर, बड़ा तन के बैठा दूल्हा- घोड़े की पीठ पर। गट्ठर ख़ुशी का भूला - घोड़े की पीठ पर, बड़ा तन के बैठा दूल्हा- घोड़े की पीठ प...