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AKIB JAVED

Romance

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AKIB JAVED

Romance

आपकी याद में

आपकी याद में

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भोर की लालिमा

पक्षियों की चहचहाट

के मध्य मद्धम मद्धम

हवा में घुल रही

पुष्पों की महक

जिसमें नज़र आती है


तुम्हारे साथ बिताए

हुए सम्पूर्ण पल

चाँद से कोमल

चेहरे में दिखी थी

चाँद की चमक


एवं यथा 

जिसमें उपजी थी

मोहब्बत की कोपलें

जो खिलने को तैयार थी।


आपकी याद में

आज भी इंतज़ार

कर रही है वो भोर

वो लालिमा

वो पुष्प एवं

वही महकती

हवा।


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