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AKIB JAVED

Romance

4.5  

AKIB JAVED

Romance

आपकी याद में

आपकी याद में

1 min
241


भोर की लालिमा

पक्षियों की चहचहाट

के मध्य मद्धम मद्धम

हवा में घुल रही

पुष्पों की महक

जिसमें नज़र आती है


तुम्हारे साथ बिताए

हुए सम्पूर्ण पल

चाँद से कोमल

चेहरे में दिखी थी

चाँद की चमक


एवं यथा 

जिसमें उपजी थी

मोहब्बत की कोपलें

जो खिलने को तैयार थी।


आपकी याद में

आज भी इंतज़ार

कर रही है वो भोर

वो लालिमा

वो पुष्प एवं

वही महकती

हवा।


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