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Rajit ram Ranjan

Romance

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Rajit ram Ranjan

Romance

आख़िर क्यूँ ?

आख़िर क्यूँ ?

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दुखता हैं मन मेरा 

उसके नाराज़ हो जानेमन से 

आखिऱ क्यूँ 

पता नहीं ? 


कुछ तो रिश्ता होगा 

उसका मुझसे 

पर पता नहीं क्या ? 


शायद कभी समझ में आएगा 

बस एक उम्मीद 

आस लगी रहती हैं ? 


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