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Phool Singh

Tragedy Crime

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Phool Singh

Tragedy Crime

आज का हिन्दुस्तान

आज का हिन्दुस्तान

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क्या हो रहा है हिन्द में अपने, निष्पक्ष हो हर घटना देखो

अहिंसा के पुजारी बने है जो, बढ़ती उनकी हिंसा देखो।।


कथनी करनी में भेद है कितना, उन लोगों की मानवता देखो

राम के भेष में रावण बने जो, अत्याचार की इन्तहा देखो।।


देवी मान जिसकी पूजा करते, देश में उनकी हालत देखो,

बोलने का अधिकार नहीं उन्हें, जिंदा जलाने की दुर्दशा देखो।।


मंदिर शिक्षा का कहलाता है जो, उन संस्थानों की हालत देखो

जंग का मैदान बन चुका जो, उस पर नेताओं की राजनीति देखो।।


आज़ादी के लिए मर मिटे जो, महापुरुषों पर होते कटाक्ष तो देखो

धर्म निरपेक्ष है देश हमारा, आज धर्म पर होती राजनीति देखो।।


क्या हो रहा है हिन्द में अपने, निष्पक्ष हो हर घटना देखो

अस्त्रों-शस्त्रों की माँग बढ़ी है क्यूँ, जग तीसरे विश्व युद्ध को तैयार है देखो।।


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