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Asmita prashant Pushpanjali

Romance

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Asmita prashant Pushpanjali

Romance

आईने के सामने

आईने के सामने

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कई दिनों से सँवारा नहीं खुदको,

आईने के सामने।


आओ जरा वक्त गुजारले,

आईने के सामने।


तुम आओ साज बनकर,

श्रृंगार कर लूँ मैं,

आईने के सामने।


तुम आओ जेवर बनकर,

बदन पर सजा लूँ मैं,

आईने के सामने।


तुम आओ तान बनकर,

सरगम छेड़ दूं मैं,

आईने के सामने।


कई दिनों से सँवारा नहीं खुद को,

आईने के सामने।


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