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Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Romance

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Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Romance

आईना मेरे रू ब रू भी है

आईना मेरे रू ब रू भी है

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आईना मेरे रू ब रू भी है।

खुद से मिलने की जुस्तजू भी है।


हर घड़ी जिसकी है तलाश मुझे।

तेरी आवाज़ और तू भी है।।


दर ब दर फिर रही है उम्मीदें।

वही बे सब्र दिल की खू भी है।


वो तेरी हर अदा है होश रुबा।

तेरी खुशबू से गुफ्तगू भी है।


मौत से कैसी ये मोहब्बत है।

और जीने की आरज़ू भी है।


सगीर सीने में दिल धड़कता है।

और सन्नाटा चार सूँ भी है ।।



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