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Bharti Suryavanshi

Drama Romance

0.7  

Bharti Suryavanshi

Drama Romance

I Miss You!

I Miss You!

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तुम आये तो बहार आ गयी

हर लम्हे में खुशियां छा गयी

गुमनामी में कही था मैं

तुम रोशन मेरा जहाँ कर गयी।


तुम साथ हो तो

फिर से जीने को दिल करता है

हर बेगाना अपना लगता है।

तुम आये तो बहार आ गयी,

हर लम्हे में खुशियां छा गयी


तेरी एक मुस्कराहट कर देती

हर ग़म को दूर

एक खुशबू तुम

मेरी ज़िन्दगी को बना गयी,

किसी नयी मंज़िल से मिला गयी..!


मीठी सी एक लहर थी वो,

तुम्हे एक पल में मुझसे दूर ले गयी

एक कोमल फूल की तरह

तुम उस संग चली गयी

एक बार फिर तन्हा कर गयी !


खुशनसीब था वो समंदर,

जिसकी आगोश में थी तुम

एक पल में मेरी नज़रो से गुम हो गयी

कहीं दूर...

कहीं दूर...चली गयी..!

तुम आये थे तो बहार आ गयी,

हर लम्हे में खुशियां छा गयी


अब तुम नहीं तो कुछ भी नहीं...

वीरान है सबकुछ...

फिर से गुमनाम हूँ मैं...

तलाश सिर्फ तेरी है...

कहाँ है तू..?

तू नहीं है अब पास,

तो जाना क्या खो दिया मैंने..!

क्या रह गया अब साथ...


वो यादें वो पल,

अब बस जीने को पास है..!

तेरा एहसास एक हकीकत,

मेरी ज़िन्दगी एक ख्वाब है !


रूठी सी है हर ख़ुशी...

पर जीनी है ये ज़िन्दगी..!

मिलेंगे फिर हम जन्नत में कहीं...

करना तुम इंतज़ार..!


रोज़ कहता हूँ

आज भी कहनी है

दिल की एक बात

ए मेरी जान

बहुत आती है तेरी याद

आई मिस यू !

तुम आये थे

तो बहार आ गयी

हर लम्हे में

खुशियांं छा गयी..!



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