STORYMIRROR

Jalpa lalani 'Zoya'

Romance

3  

Jalpa lalani 'Zoya'

Romance

आहिस्ता आहिस्ता

आहिस्ता आहिस्ता

1 min
284

बनता है कली से गुल आहिस्ता आहिस्ता

तू कर मुझे ऐसे क़बूल आहिस्ता आहिस्ता


चलता है फ़लक में बादल आहिस्ता आहिस्ता

तू थाम ऐसे मेरा आँचल आहिस्ता आहिस्ता


तैरती है सागर में नाव आहिस्ता आहिस्ता

तू पुकार ऐसे मेरा नाम आहिस्ता आहिस्ता


दिखता है आसमान में चाँद आहिस्ता आहिस्ता

तू कर मेरे हुस्न का दीदार आहिस्ता आहिस्ता।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance