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Kanchan Prabha

Abstract Fantasy

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Kanchan Prabha

Abstract Fantasy

आदर्श मेरा गाँव

आदर्श मेरा गाँव

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सर्व गुण संपन्न अभिलाषा

आदर्श गाँव की परिभाषा


किसानों की नगरी है

नार भरती गगरी है


पीले पीले सरसों के खेत

कहीं नदी तो सपनीले रेत


ज्ञान बांटते विद्यालय हो

घर घर बना शौचालय हो


रंग बिरंगे फूल खिले हो

हरे लाल पीले नीले हो


कल कल बहती नदियाँ बहती

छम छम करती सखियाँ हँसती


पेड़ो के झुरमुट में छुप कर

बच्चे खेले टहनी पर चढ़ कर


सूर्य की नई छटा नारंगी

बैजू बैठा लिये सारंगी


पंछी गाते गीत सुरीले

चूल्हों पर चढ़ गये पतिले


भोर भये लीपे घर आँगन

सजे नार मुस्काये साजन


होते ऐसे गाँव अलबेले

लगते रोज अनोखे मेले



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