STORYMIRROR

Bhoop Singh Bharti

Tragedy

2  

Bhoop Singh Bharti

Tragedy

आ बैल

आ बैल

1 min
322

काटै पेड़ हजार यो, बोवै  कोई एक

मानव दानव रै बणा, काम करै ना नेक।


काम करै ना नेक, जीव नै मारण लागा

सांस दई रै घोट, फेर बी कोनी जागा।


आ बैल मुझे मार, कहावत सभनै डांटै

कहै 'भारती' ईब, पेड़ नै मतना  काटै।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy